कथा पंडाल में उपस्थित भक्तजन भोले बाबा की महिमा वर्णन सुन झूम उठे


आगरा। श्री बांके बिहारी कुंज कालोनी धनौली  संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन हो रहा है। कथा के पंचम दिवस पर व्यास श्री विष्णु दास महाराज के मुखारबिंद से शिव पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया भव्य सजे कथा पंडाल में उपस्थित भक्तजन भोले बाबा की महिमा वर्णन सुन झूम उठे।शिव-पार्वती विवाह प्रसंग में महाराज जी ने बताया कि जब शिव और पार्वती का विवाह होने वाला था शिव की शादी बहुत ही भव्य एवं विचित्र थी। इससे पहले ऐसी शादी कभी नहीं हुई थी। शिव दुनिया के सबसे तेजस्वी देवो के देव थे। शिव एवं पार्वती एक दूसरे को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले थे। सभी देवता तो वहां मौजूद थे असुर भूत प्रेत पिशाच  बाराती बनकर पहुंचे थे। और बताया कि जहां देवता जाते थे, वहां असुर जाने से मना कर देते थे। जहां असुर जाते थे, वहां देवता नहीं जाते थे। शिव पशुपति हैं, मतलब सभी जीवों के देवता भी हैं। इसलिए सारे जानवर,सारे जीव जंतु, महादेव के विवाह में उपस्थित हुए। यहां तक कि भूत-पिशाच और विक्षिप्त लोग भी उनके विवाह में मेहमान बन कर पहुंचे। उनकी आपस में बिल्कुल नहीं बनती थी। मगर यह तो शिव का विवाह था, इसलिए उन्होंने अपने सारे झगड़े भुलाकर एक बार एक साथ आने का मन बनाया।पंडित आशुतोष वशिष्ठ  द्वारा पूजन अर्चना कराई। इस अवसर पर भगवान शंकर और माँ पार्वती की सुंदर सी झांकी ने सभी भक्तों का मन मोहित कर लिया। कथा श्रवण के लिए दूर दराज से कभी लोग शिव भक्त पहुंचे। मुख्य यजमान गोपाल रीता लवानियां मौजूद रहे शकुंतला देवी,श्याम चांदनी भोजवानी,सुमन अवधेश, राधा,नीतू ,पूनम, बृजेश,आरती, उषा, रितु,गुड्डा, राखी,माधवी,चंचल, धनिष्का,एकता,तारावती,आदि।


संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट 

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