श्री रामलीला महोत्सव 2026: बजरंगबली के पराक्रम से धू-धू कर जली स्वर्ण लंका, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा रामलीला मैदान
अशोक वाटिका में माता जानकी के दर्शन और लंका दहन के भव्य दृश्य ने मोहा मन, सामाजिक संगठनों की भी बढ़ रही सहभागिता आगराः “प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥” सुंदरकांड की यह चौपाई गुरुवार को श्रीरामलीला मैदान में हनुमान जी के अद्भुत पराक्रम और प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति का सजीव चित्रण करती नजर आई। बजरंगबली ने लंका पहुंचकर माता सीता का पता लगाया, अशोक वाटिका उजाड़ी और रावण की स्वर्णनगरी को अग्नि के हवाले कर उसके अहंकार को चुनौती दी। तीन मंजिला ऊंची सोने की लंका धू-धू कर जली तो पूरा मैदान जय श्रीराम और बजरंगबली के जयघोष से गूंज उठा। उत्तर भारत की प्रमुख श्रीरामलीला में इस बार लंका दहन की लीला को भव्य स्वरूप दिया गया। रामलीला मैदान में बनाई गई तीन मंजिला स्वर्ण लंका दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही। लंका के द्वार पर बनाए गए दो विशाल द्वारपालों के पुतलों ने भी इसकी भव्यता बढ़ाई। मैदान में पहुंचते ही दर्शक लंका को नजदीक से देखने के लिए उत्सुक नजर आए। वहीं, अशोक वाटिका में विराजमान माता जानकी के स्वरूप ने भी श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। रामलीला के भव्य आयोजन में साम...