तही प्रकाश हमारा भयो पटना सहर बिखे भव लयो गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पुरब पर अमोलक गुरबाणी कीर्तन दरबार


आगरा। गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर विभव नगर गुरु रूप से संगत के प्यार भरे ऊपराले धन-धन श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज जी के प्रकाश उत्सव की खुशियां जागती ज्योत हाजिर नाजिर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्र गोद में बैठकर अमृतवेले से अमृतमई कीर्तन सुन प्रकाश पुरब की खुशियां सांझा की पंथ के कीर्तनीय हजूरी रागी भाई जगतार सिंह देहरादून बीवी कशलीन कौर भाई हरजिंदर सिंह द्वारा एक के बाद एक शब्द कीर्तन से संगत को किया निहाल शब्द: संगता ने हथ जोड़े शीश झुकाए ने फुल्ला वाली पालकिच सतगुरु आए,,, हन,,,,2 आसिरो मंसूर गुरु गोविंद सिंह,,,,,3 सब राजन के राजा तुम हो आपै आप गरीब नवाज तुम हो,,,,, ज्ञानी मंशा सिंह द्वारा गुरु महाराज की अरदास हुकुमनामा गुरु का अटूट लंगर सभी धर्म प्रेमियों ने पाकर वाहेगुरु का शुकराना किया। प्रधान हरपाल सिंह ने गुरु रूप संगत का जी आया नू गुरु पुरब की लख लख बधाइयां दी विशेष रूप से मौजूद रहे हरपाल सिंह, मलकीत सिंह, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, गुरमीत सिंह सेठी,बलदेव कंपानी,हरजीत सिंह सेठी, परमजीत सिंह, गुरिंदर सिंह,सुरेंद्र सिंह लवली, इंद्रजीत सिंह वाधवा, त्रिलोचन सिंह,सुरेंद्र सिंह लाडी, बॉबी सलूजा, आज्ञा सिंह आदि मौजूद रहे।


 संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट.......

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