छोटे बच्चों को खेलने- कूदने व पढ़ाई के साथ-साथ मिट्टी के साथ लगाव जरूरी -- मोहन मीना


आगरा। छोटे बच्चों के लिए मिट्टी में खेलना बहुत जरूरी है। यह न केवल उनके शारीरिक विकास के लिए अच्छा है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जमीन से जुड़ाव और प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है। मिट्टी में खेलने से बच्चों को विभिन्न संवेदी अनुभव होते हैं, जैसे कि स्पर्श, बनावट और गंध।

 



*रचनात्मकता*: मिट्टी बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा देती है। वे मिट्टी से तरह-तरह की चीजें बना सकते हैं।

*मोटर स्किल्स*: मिट्टी गूंथना, आकार देना और ढालना बच्चों की फाइन मोटर स्किल्स को विकसित करता है।

*प्रकृति से जुड़ाव*: मिट्टी में खेलने से बच्चे प्रकृति के करीब आते हैं और पर्यावरण के प्रति जागरूक होते हैं।

*तनाव कम करना*: मिट्टी में खेलना बच्चों के लिए एक अच्छा तनाव निवारक हो सकता है।

लेकिन आजकल के बच्चे मिट्टी से दूरी बनाने लगे हैl अन्य बच्चों की तुलना में जो बच्चा मिट्टी से लगाव रखते है उन बच्चों की प्रतिरोधकता क्षमता काफी अधिक पाई जाती हैl इसीलिए बच्चों को मिट्टी में खेलने के लिए प्रोत्साहित करना उनके विकास के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। बच्चे हर कार्य में बढ़ो का अनुसरण करते है।


संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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