बंदी-छोड़ दिवस पर गुरुद्वारा “गुरु का बाग” में भव्य दो दिवसीय कीर्तन समागम संपन्न-दीन दुनी दा पातशाह—पातशाह अडोला: गुरुद्वारे में श्रद्धा-भाव से हुआ बंदी-छोड़ दिवस समारोह


आगरा। बंदी-छोड़ दिवस के पावन अवसर पर गुरुद्वारा गुरु का बाग, मधु नगर में आयोजित दो दिवसीय कीर्तन समागम का समापन बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। भव्य फूलों से सजा दीवान-हाल, जहां धन-धन श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के आगे संगतों ने परिवार सहित माथा टेका और पावन वातावरण का अनुभव किया। समागम में पंथ के प्रतिष्ठित रागी जत्थों और कथा-वाचकों ने गुरु शबद-गुरबाणी के अमृत रस से संगत को मंत्रमुग्ध किया, छठी पातशाही दाता बंदी-छोड़ गुरु हरगोबिंद साहिब जी की जीवनी पर विशेष प्रकाश डालते हुए उन्होंने भावपूर्ण कीर्तन और कथन प्रस्तुत किया। जिससे पूरा दीवान-हाल भाव विभोर हो उठा, वातावरण में बार-बार “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों ने दिव्य छटा प्रस्तुत की। हजूरी रागी श्री दरबार साहिब, अमृतसर से भाई भूपिंदर सिंह, कथा विचारक व हेड-ग्रंथी गुरुद्वारा शीशगंज साहिब (दिल्ली) से भाई अंग्रेज सिंह, साथ ही भाई जप सिंह, भाई गुरमीत सिंह आदि ने कीर्तन-कथा से समागम को गरिमा प्रदान की। हेड-ग्रंथी भाई रविंद्र सिंह ने अरदास कर हुकमनामा लिया। कार्यक्रम के उपरांत गुरु महाराज की सवारी का आदर-सत्कार कर उन्हें सचखंड पहुंचाया गया तथा संगत ने अटूट लंगर ग्रहण कर गुरु का शुक्राना अदा किया। प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरुद्वारा दुख निवारण गुरु का लाल के हेड-ग्रंथी हरबंस सिंह, कवलजीत सिंह, ज्ञानी कुलवंत सिंह, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, हरपाल सिंह, भाई जसपाल सिंह इत्यादि को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। प्रधान नरेंद्र सिंह लालिया ने दो दिवसीय समागम में उपस्थित संगतों का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अर्जिंदर पाल सिंह, मलकियत सिंह, सतनाम सिंह, जगजीत सिंह वाधवा, राजवीर सिंह, अरविंदर पाल ओबेरॉय, सुरेंद्र सिंह, संजय सेठ अमरजीत सिंह, जसप्रीत सिंह मेहर, रंजीत सिंह, रविंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह, सोबती सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा....

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