महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियों पर जेडीयू उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल का कड़ा विरोध—“महिला का अपमान राष्ट्र की आत्मा का अपमान है”


नई दिल्ली/लखनऊ/ बांदा । देश में हाल के समय में महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील टिप्पणियों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक प्रभाव वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा महिलाओं पर अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जो भारतीय समाज और लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। जेडीयू उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत की महिलाएँ आज हर क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा रही हैं—महिला राष्ट्रपति, महिला प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, महिला मुख्यमंत्री, राज्यपाल, लोकसभा अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष से लेकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, पायलट और सेना के अधिकारी तक महिलाएँ राष्ट्रनिर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास भी महिलाओं के बलिदान से भरा है। रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हज़रतमहल, झलकारी बाई जैसी वीरांगनाएँ मुगलों और अंग्रेजों दोनों से लड़ीं। अनगिनत महिलाएँ देश की आज़ादी में शहीद हुईं, जेल गईं और अपने जीवन का त्याग कर दिया। इतना बड़ा योगदान होने के बावजूद आज भी जब किसी मंच से महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्द बोले जाते हैं, तो यह पूरे देश की अंतरात्मा को चोट पहुँचाता है। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि एक ओर सरकारें “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “महिला सशक्तिकरण” जैसे अभियान चलाती हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ लोग महिलाओं को “उपभोग की वस्तु”, “मनोरंजन का साधन” जैसी अपमानजनक उपमाओं से संबोधित करते हैं, जिससे महिलाओं का मनोबल गिरता है और समाज गलत दिशा में जाता है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से पाँच माँगें रखीं—महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने वालों पर तत्काल FIR हो, संसद/विधानसभा में ऐसे बयान देने वालों की सदस्यता निलंबित की जाए, सभी राजनीतिक दल अपनी पार्टी के भीतर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करें, महिला अपमान से जुड़े मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बने और सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र सामग्री पर सख्त दंड लागू किया जाए। अंत में उन्होंने कहा कि महिला का अपमान केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की गरिमा का प्रश्न है, और अब महिलाएं किसी भी स्तर पर इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।



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