कर्म ही पूजा है, पुरुषार्थ से मिलती है भगवत प्राप्ति
हरि नाम संकीर्तन से गूंज उठा जयपुर हाउस
आगरा। श्री बुर्जीवाला मंदिर संचालन समिति की ओर से जयपुर हाउस प्रताप नगर स्थित श्री बुर्जीवाला मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा की शुरुआत भजन गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, राधा रमण हरि गोविंद बोलो से हुई, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे। दूसरे दिन की कथा का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने दीप प्रज्वलित कर किया। दूसरे दिन कथा में मंगलाचरण, कुन्ती व भीष्म स्तुति का प्रसंग सुनाया गया।
व्यास पीठ पर विराजमान कथावाचक आचार्य राजेश शास्त्री महाराज ने कहा कि किसी के प्रति सम्मान मनुष्य के नेत्रों में होना चाहिए। बुद्धिमान व्यक्ति परिश्रम करने वाले से व्यक्ति से ज़्यादा मेहनताना प्राप्त करते है। हमेशा पुरुषार्थ करते रहना चाहिए। कर्म के द्वारा की भगवत प्राप्ति की जा सकती है। किसी को सुख देने के लिए किया गया कर्म पूजा बन जाता है। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित एक दिन वन में शिकार के दौरान प्यास से व्याकुल होकर ऋषि शमीक के आश्रम पहुंचे। तपस्या में लीन ऋषि से उत्तर न मिलने पर परीक्षित ने आवेश में आकर मृत सर्प को उनके गले में डाल दिया। यह दृश्य देखकर ऋषि पुत्र श्रृंगी क्रोधित हो उठे और उन्होंने राजा परीक्षित को सात दिन में तक्षक नाग के डसने से मृत्यु का श्राप दे दिया।
राजा परीक्षित ने इसे ईश्वर की इच्छा मानकर स्वीकार किया और राजपाट त्याग कर गंगा तट पर आत्मचिंतन व भगवद् स्मरण में लीन हो गए।
मुख्य यजमान गौरव बंसल और निधि बंसल ने बताया कि कथा में व्यासजी ने मानव जीवन की क्षणभंगुरता, वैराग्य और भगवत् भक्ति के महत्व को विस्तार से बताया। कथा सुनने वालों में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही। बुधवार को तीसरे दिन सती, ध्रुव चरित्र तथा प्रह्लाद चरित्र के प्रसंग सुनाए जाएंगे। भागवत कथा 24 मई तक प्रतिदिन दोपहर 4 बजे से शाम 7 बजे तक आयोजित होगी। इस मौके पर कथा संयोजक शकुन बंसल, श्याम भदौरिया, जितेन्द्र भोजवानी, रामशंकर अग्रवाल, केशव अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, सुनील मित्तल, दिनेश अग्रवाल, विजय बंसल, ज्योतिमोहन जिंदल, आलोक जैन, पीयूष सिंघल आदि मौजूद रहे।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

Comments
Post a Comment