गुरुद्वारा दशमेश दरबार में श्रद्धा व सेवा का अनूठा संगम:
गंगा दशहरा पर हजारों राहगीरों के लिए शुरू हुई निरंतर शीतल जल सेवा
आगरा। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर शहीद नगर स्थित गुरुद्वारा दशमेश दरबार में श्रद्धा, सेवा और उच्च मानवीय मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सिख धर्म के प्रथम गुरु, गुरु नानक देव जी के सार्वभौमिक संदेश “किरत करो, वंड छको और नाम जपो” (ईमानदारी की कमाई करें, बांटकर छकें और प्रभु का नाम जपें) को आत्मसात करते हुए गुरुद्वारा दशमेश दरबार प्रबंधक कमेटी द्वारा इस भीषण गर्मी और तपती धूप में हजारों राहगीरों के लिए 'आर.ओ. मिनरल' ठंडे एवं शीतल जल की विशेष सेवा समर्पित की गई। कमेटी द्वारा यह पुण्यमयी शीतल जल सेवा आगे भी नियमित रूप से निरंतर जारी रखी जाएगी।
इस सेवा संकल्प के शुभारंभ के अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरपाल सिंह जी ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि निष्काम मानव सेवा ही संसार की सबसे बड़ी सेवा है। गुरुघर सदैव समाजहित, आपसी भाईचारे और जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता आया है और भविष्य में भी निभाता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि गंगा दशहरा जैसे पवित्र पर्व पर प्यासे लोगों के लिए शीतल जल की छबील लगाना सच्ची श्रद्धा और सच्ची मानवता की एक अनुपम मिसाल है।
आयोजन के दौरान गुरुद्वारा परिसर के बाहर मुख्य मार्ग पर सुबह से लेकर शाम तक सेवादारों द्वारा बेहद प्रेम, आदर और सत्कार पूर्वक राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को रोक-रोक कर ठंडा जल वितरित किया गया। प्रबंधक कमेटी के इस सेवा कार्य में स्थानीय संगत ने भी श्रद्धाभाव के साथ बढ़-चढ़कर अपना श्रमदान और सहयोग दिया।
प्रमुख उपस्थिति:
इस पुनीत सेवा कार्य के दौरान मुख्य रूप से प्रधान हरपाल सिंह, गुरु सेवक श्याम भोजवानी, कन्हैयालाल गोला, राजकुमार, रानी कालरा, सनी सिंह एवं कृपाल सिंह सहित समस्त गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सम्मानित सेवादार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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