“कफन” फिल्म ने दिया मानवता एकता और सामाजिक समरसता के संदेश
सेल्फी रेस्टरां में कफन फिल्म के प्रीमियर शो का मेयर हेमलता दिवाकर व फुटवेयर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डाबर ने किया शुभारम्भ
आगरा। सिनेमा जब केवल मनोरंजन नहीं बल्कि समाज को आईना दिखाने का माध्यम बन जाए, तो वह एक विचार बन जाता है। इसी विचार को साकार करती आरए मूवीज की शॉर्ट फिल्म “कफन” का भव्य प्रीमियर शो आज सेल्फी रेस्टोरेंट में आयोजित किया गया। यह आयोजन केवल फिल्म प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानवता, एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायक सांस्कृतिक मंच बन गया। महज 15 मिनिट की फिल्म ने लोगों को माला में मोतियों की तरह बांधे रखा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर ने भारत माता व स्व. राजकुमार सामा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में फुटवेयर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डाबर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ यह आयोजन भावनाओं, विचारों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी एक यादगार शाम में बदल गया। मुख्य अतिथि हेमलता दिवाकर ने फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि “कफन” जैसी फिल्में समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे का संदेश देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज कई तरह के विभाजन से गुजर रहा है, ऐसे में कला और सिनेमा का दायित्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने फिल्म की टीम को सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कहानी चुनने के लिए बधाई दी। विशिष्ट अतिथि पूरन डाबर ने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक गहरी सामाजिक सीख देती है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए लोगों के बीच मानवता का भाव ही समाज को मजबूत बनाता है। उन्होंने फिल्म की प्रस्तुति और संदेश की प्रशंसा करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
फिल्म निर्माता रंजीत सामा व विजय सामा ने बताया कि स्व. एचसी गुप्ता को समर्पित फिल्म “कफन” चार ऐसे दोस्तों की कहानी है जो विभिन्न धर्मों से संबंध रखते हुए भी इंसानियत को सर्वोपरि मानते हैं। फिल्म में सामाजिक संदेश को भावनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है, जो दर्शकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है। बताया कि फिल्म का उद्देश्य समाज में एकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है। प्रीमियर शो के दौरान फिल्म के प्रमुख कलाकार उमाशंकर मिश्रा, संजय दुबे, शकील खान, मुकेश नेचुरल, सोमा जैन, वीना अग्रवाल, आकांक्षा अग्रवाल भी उपस्थित रहीं। फिल्म के सहनिर्माता अनिल लाल अरोड़ा, संजय दुबे, निदेशक राष्ट्रपति पदक वितेजा हेमन्त वर्मा और लेखक राहुल अचलेश गुप्ता हैं। बाल कलाकार के रूप में शौर्य गोयल, धैर्य गोयल हैं। दर्शकों ने फिल्म की कहानी, संवाद और प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे सामाजिक बदलाव का प्रभावी माध्यम बताया। इस अवसर पर मुख्य रूप से किशोर खन्ना, सरदार मंजीत सिंह, टीकमचंद, मयंक जैन, दिलप्रीत सचदेवा, चांद दिवान, चंद्र सोनी, जयराम दास, खेमचंद, डॉ. ऋषि जैन, बाबू भाई, बसंत गुप्ता, प्रदीप सरीन, राजेन्द्र बत्रा, नीरज तिवारी, दिवाकर महाजन, प्रमोद जैन, प्रमोद महाजन, सुजाता शर्मा, अरविन्द शर्मा, पवन आगरी, निशांत चतुर्वेदी, मनीष शर्मा, विजय सहगल, असोक कपूर, सूरज तिवारी, नारायण दास, अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा, रेनू गुप्ता, जय गुप्ता, सुशील कपूर, रवि गुप्ता, मनोज रावण आदि उपस्थित थे।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...


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