तोता का ताल स्थित प्राचीन खेमेश्वर नाथ महादेव मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन का आयोजन अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
आगरा। तोता का ताल स्थित प्राचीन खेमेश्वर नाथ महादेव मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन का आयोजन अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कथा का वाचन सुप्रसिद्ध कथा वाचक पं. गरिमा किशोरी द्वारा किया गया।
आज के प्रसंग में उन्होंने श्रीराम-भरत मिलाप तथा भरत का नंदीग्राम निवास की लीला का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। जैसे ही कथा में भरत द्वारा चित्रकूट जाकर प्रभु श्रीराम से मिलन का प्रसंग आया, तो वातावरण भावुकता से भर उठा और अनेक भक्तों की आंखें नम हो गईं।
पं. गरिमा किशोरी ने बताया कि जब भरत छोटे भाई शत्रुघ्न, गुरु वशिष्ठ, मंत्री सुमंत तथा तीनों माताओं के साथ प्रभु श्रीराम से मिलने वन में पहुंचते हैं तो उस समय का दृश्य इतना हृदयस्पर्शी होता है कि दर्शक भी भाव-विभोर हो जाते हैं। भरत बार-बार राम से अयोध्या लौटकर राजपाट संभालने का आग्रह करते हैं, लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम रघुकुल की परंपरा का वास्ता देकर वनवास निभाने पर अडिग रहते हैं। अंततः भरत प्रभु श्रीराम की खड़ाऊँ लेकर नंदीग्राम लौट आते हैं और उन्हें ही राजगद्दी पर स्थापित कर स्वयं तपस्वी जीवन जीते हैं।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा....
इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भरत मिलाप की इस भावनात्मक कथा को सुनकर भावविभोर हो उठे। वातावरण में जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे।
इनकी रही उपस्थिति आचार्य विपिन चतुर्वेदी,पं विद्या सागर,अजय सुनीता माहौर, श्याम चाँदनी भोजवानी,शरद चौहान, विक्रांत कुशवाह,
नन्दलाल छतानी, नवल पंडित, मुकेश यादव, कालू माहौर, मिथुन राजपूत, गिरधारी, रवि माहौर, सन्नी कल्पना अग्रवाल,मनोज रानो तीर्थंनी, पंकज राजपूत, गोपी लाल, किशोर सैनी, मनोज माहौर, ओमप्रकाश, कमल लालवानी, राकेश दिवाकर, पवन माहौर, भोले माहौर, कैलाशी माहौर आदि लोग उपस्थित रहे।

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