जीआईसी मैदान में आयोजित झूलेलाल मेले में सिंधी गीतों के रॉक स्टार करण खेमानी व ज्योति मणि की प्रस्तुति ने मचाई धूम
आंधी में जोत जलायन वारा सिंधी, हां मा सिंधी आया...
परिवार संग पहुंचे श्रद्धालुओं ने झूलों और सिंधी व्यंजनों का भी लिया आनन्द, खरीददारी भी की और सांस्कृतिक कार्यक्रम का उठाया लुत्फ
आगरा। सिंधी गीतों के रॉक स्टार मुम्बई से आए करण खेमानी व ज्योति मणी के गीतों ने आज जीआईसी मैदान में आयोजित जय झूलेलाल मेले में खूब धूम मचाई। हर तरफ भगवान झूलेलाल के भजनों की तरंगे गूंजती नजर आयीं। हां मा सिंधी आयां..., गीत के साथ बच्चों, युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक की हजारों आवाज गायकों की आवाज के साथ स्वर से स्वर मिला रही थी। भगवान झूलेलाल के जयकारे से प्रारम्भ हुई सांस्कृतिक संध्या में सुरों की ऐसी महफिल जमी जो देर रात तक मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं को भक्ति और संगीत की जादूमयी दुनिया में बांधे रही।
जीआईसी मैदान में जय झूलेलाल मेला आयोजन समिति द्वारा चेटीचण्ड महोत्सव के तहत 6वें अन्तर्राष्ट्रीय सिंधी मेले में आज सिंधी गीतों के रॉक स्टार करण खेमानी व ज्योति मणी की धमाकेदार प्रस्तुतियों ने हर किसी को झूमने और गाने पर मजबूर कर दिया। ज्योति मणी के गीत जिए मूंजी सिंध..., जैको खती आयो खेर सा हो जमालो..., लाल मूंजी ओ लाल मूंजी... जैसे गीतों पर हर कोई थिरकता नजर आया। वहीं करण खेमानी ने अपनी सुरीली आवाज में धी में जोत जलायन वारा सिंधी, गा मा सिंधी आया..., आए हाय नदरी उम्र तई, गाड़ी पहजी पराडो आ..., आगरा वारा जियन... जैसे गीतों के सतरंगी रास छेड़े तो हर तरफ दर्शक झूमते नाचते नजर आए। वहीं मेले में परिवार संग पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने विभिन्न देवी देवताओं की झांकियों, माता वैष्णों देवी की गुफा के दर्शन, सिंधी व्यंजनों व झूलों का आनन्द लिया। मेला संयोजक कमल छाबड़िया ने सभी अतिथियों व दर्शकों का स्वागत करते हुए अगले वर्ष मेले को और भव्य व विशाल बनाने का आश्वासन दिया।
महिला शक्ति वंदन कार्यक्रम में 25 महिलाओं को किया सम्मानित
आगरा। सामाजिक कार्यों में अग्रणी सिंधी समाज की 25 महिलाओं को सम्मान देना अन्य महिलाओं को समाजिक कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा था। मेले में आज महिला शक्ति वंदन कार्यक्रम का योजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में प्रशंसनीय कार्य कर रही 25 महिलाओं को सम्ति चिन्ह व शॉल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समाज के बुजुर्ग ज्ञानचंद मूलानी, दौलतराम व ... का भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया।
बेटियों संग मम्मियों ने किया कैटवॉक
आगरा। रैम्प पर बेटियों का हाथ थामें जब मम्मियां उतरी तो मानों आपसी सामन्जस्य और भारतीय व सिंधी परम्परा, संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी में साझा करती नजर आयी। कोई मां बेटी साथ में डांस करते हुए बेहतर तालमेल तो कोई परम्परा और आधुनिकता के साथ संस्कारों को बनाए रखने का संदेश दे रहीं थी। धमाकेदार म्यूजिक पर रैम्प पर जहां मां-बेटी का साथ उतरी तो हर तरफ तालियां गूंजने लगीं। कोई पल्लू लहराती तो कोई फुलकारी परिधान पहने थी। मां बेटी के इस अनूठे कार्यक्रम ने मेले में एक सकारात्मक संदेश देते हुए दो पीढ़ियों के गेप को मिटाने की ओर माननो कदम बढ़ाया हो। 11 महिलाओं ने अपनी बेटियों के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। अंत में विजेता प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
मेला संयोजक कमल छाबड़िया, गिरधारी लाल भगतयानी, सूर्य प्रकाश, सुनील कर्मचनदानी, मनीष हरजानी, डॉ. अक्षय गैलानी, सुशील नोतनानी, प्रकाश केसवानी, घनश्याम हेमलानी, जेके मदनानी, विकास जेठवानी, सोनू मदनानी, किशोर बुधरानी, मनीष लालचंदानी, कुनाल जेठवानी, नारायण बेहरानी, डॉ योगेश मदनानी, सुशील सोनी, जेठानन्द आसनानी, कपिल पंजवानी, नितिन राजारानी, अमृत माखीजा, कपिल पंजवानी, प्रकाश मंगवानी, गीति भाई आदि मौजूद थे।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...



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