आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वाधान में छठवें दिन गणधर वलय विधान संपन्न
माताजी के प्रवचन: जहाँ प्रेम होता है, वहाँ सफलता और धन अपने आप पीछे-पीछे चले आते हैं।
चिड़िया के दृष्टांत से दिया सीख: इतिहास में नाम आग बुझाने वालों में होना चाहिए, तमाशा देखने वालों में नहीं।
आगरा। आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वाधान में एम.डी. जैन इंटर कॉलेज फील्ड के हॉल (हरीपर्वत, आगरा) में आयोजित धार्मिक महोत्सव के छठवें दिन आज भक्ति भाव के साथ गणधर वलय विधान संपन्न हुआ। यह भव्य आयोजन आचार्य 108 श्री इन्द्रनंदी जी महाराज ससंघ एवं 57 वर्षीय संयम साधना से साधित, प.पू. सिद्धांत रत्न, भारत गौरव, गणिनी शिरोमणि आर्यिका 105 श्री विशुद्धमति माताजी और विज्ञमति माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संगीतकार ऋषि एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत भजनों की मधुर धुन पर भक्तगण भावविभोर होकर झूम उठे।
धार्मिक अनुष्ठान और प्रमुख पात्र
बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया जी के कुशल निर्देशन में भगवान की शांतिधारा और अभिषेक के साथ विधान प्रारंभ हुआ। इंद्र-इंद्राणी सहित विधान के प्रमुख पात्रों ने संगीतमय स्वरलहरियों के बीच पूजा-अर्चना कर अर्घ्य समर्पित किए। मुख्य पात्रों में शामिल रहे:
सौधर्म इन्द्र: यतेंद्र कुमार – अभिलाषा जैन
कुबेर इन्द्र: राजेंद्र कुमार जैन – नीलम जैन लुहाड़िया
यज्ञनायक इन्द्र: सुरेश कुमार – माया जैन
ईशान इन्द्र: जिनेन्द्र कुमार – अनीता जैन
चक्रवर्ती इन्द्र: सुबोध पाटनी – शची पाटनी
इसके साथ ही मोहन स्वरूप-नूतन जैन, रवि कुमार-बीना जैन, पदम चंद-प्रेमलता जैन, जितेंद्र कुमार-अंशु जैन, रमेश चंद-मधुलता जैन, वीरेन्द्र कुमार-पूनम जैन, एवं राजेंद्र कुमार-विमलेश जैन परिवार ने भी मुख्य रूप से विधान की क्रियाएं संपन्न कीं। इस महामहोत्सव का समापन विश्व शांति महायज्ञ के साथ होगा।
संत वाणी: भौतिकता से ऊपर है आपसी प्रेम
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका विज्ञमति माताजी ने एक प्रेरणादायक दृष्टांत के माध्यम से कहा:
"जहाँ प्रेम होता है, वहाँ सफलता और धन अपने आप पीछे-पीछे चले आते हैं। जब प्रेम को आमंत्रित किया जाता है, तो बाकी सभी सकारात्मक चीजें स्वयं ही जीवन और परिवार का हिस्सा बन जाती हैं। भौतिक चीजों से अधिक महत्व आपसी प्रेम को देना चाहिए।"
उन्होंने आग और चिड़िया की कहानी सुनाते हुए आगे कहा कि जब एक झोपड़ी में आग लगी तो इंसान तमाशबीन बने रहे, लेकिन एक छोटी चिड़िया चोंच में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास करती रही। मजाक उड़ाने वालों को चिड़िया ने जवाब दिया—"मुझे पता है कि मेरी चोंच के पानी से आग नहीं बुझेगी। लेकिन जब भी इतिहास लिखा जाएगा, मेरा नाम आग बुझाने वालों में होगा, तमाशा देखने वालों में नहीं।"
इसके साथ ही आचार्य इन्द्रनंदी जी महाराज ने भी धर्मसभा को संबोधित कर भक्तों को आशीर्वाद दिया। धर्मसभा का कुशल संचालन महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार द्वारा किया गया।
समाज की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर सकल जैन समाज सहित परिषद के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, महामंत्री मनीष जैन ठेकेदार, अर्थ मंत्री राकेश जैन (परदे वाले), उप मंत्री विमल जैन, अनंत जैन, प्रचार मंत्री आशीष जैन (मोनू), प्रदीप जैन (कागज वाले), मनीष जैन (लवली), कुमार मंगलम जैन, प्रवीण जैन, पंकज जैन, सचिन जैन, शेखर जैन, प्रांजल जैन, बीना बैनाड़ा, सपना जैन, नूतन जैन, प्रभा जैन, अनीता जैन, दीपा जैन एवं मीडिया प्रभारी राहुल जैन मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...


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