निर्मल सेवा सदन में होगा गूगल बाबा श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज जी ससंघ का भव्य चातुर्मास कलश स्थापना समारोह का आयोजन

आगरा। निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला आगरा में आज संत चर्या शिरोमणी पट्टाचार्य आचार्य भगवन "श्री 108 विशुद्ध सागर जी" महामुनिराज जी के तीन अनमोल रत्न परम् प्रभावक सुयोग्य शिष्य जगत् विख्यात "*गूगल बाबा श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी"*श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर जी"* श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर जी"* ससंघ के सानिध्य में 29 जुलाई होने वाले कार्यक्रम मंगल कलश स्थापना की प्रेस वार्ता आयोजित 

वर्षायोग- 29 जुलाई 2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई।

जिसमें मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज जी ने बताया कि जैन धर्म में चातुर्मास यानी वर्षायोग के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि वर्षा ऋतु के चार माह में जैन साधु एक ही स्थान पर स्थिर रहकर साधना करते हैं। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर विहार नहीं किया जाता। चातुर्मास का समय जैन धर्म में साधना, आत्मचिंतन और अहिंसा के पालन के लिए बेहद खास माना जाता है. इस दौरान जैन साधु और साध्वियां आमतौर पर एक जगह रुककर धार्मिक साधना और प्रवचन करते हैं. जैन धर्म में इसे केवल यात्रा पर रोक के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि यह जीवों की रक्षा और अहिंसा के सिद्धांत को गहराई से निभाने का समय माना जाता है. साल 2026 में चातुर्मास की अवधि 29 जुलाई से 15 नवंबर 2026 तक है. इस दौरान जैन साधु-साध्वियां एक ही स्थान पर रहकर तप, ध्यान, स्वाध्याय और धार्मिक गतिविधियों में समय बिताते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर चातुर्मास के दौरान जैन साधु यात्रा क्यों नहीं करते? 

जैन धर्म में हर जीव के प्रति दया और करुणा रखने की शिक्षा दी गई है. जैन दर्शन के अनुसार, छोटे से छोटे जीव में भी आत्मा का वास माना जाता है. इसलिए किसी भी जीव को नुकसान पहुंचाना हिंसा की श्रेणी में आता है.सामान्य दिनों में जैन साधु-साध्वियां पैदल एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हैं. इस दौरान वे धर्म का प्रचार करते हैं और लोगों को सही जीवन जीने का रास्ता बताते हैं. लेकिन बारिश के मौसम में जमीन पर मौजूद छोटे जीवों को नुकसान पहुंचने की संभावना अधिक रहती है.ऐसे में एक जगह ठहरकर साधना करना अहिंसा के सिद्धांत का पालन करने का बेहतर तरीका माना जाता है l

इस अवसर पर मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज जी एवं श्रुत मंथन वर्षायोग समिति, छीपीटोला आगरा द्वारा वषायीग पत्रिका का विधिवत विमोचन भी किया गया। चातुर्मास समिति के मुकेश जैन एवं विवेक जैन ने बताया कि पहली बार निर्मल सेवा सदन में छीपीटोला आगरा में मुनि श्री का वषायोग आयोजित हो रहा हैजिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उल्लास का वातावरण है। श्रुत मंथन वर्षायोग समिति ने आयोजन की तैयारियां युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दी हैं।

मंत्री प्रवीण जैन ने बताया कि आयोजन को भव्य एवं सुव्य वस्थित बनाने के लिए चातुर्मास समिति एवं मंदिर समिति द्वारा स्वागत द्वार, आकर्षक सजावट, प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं सहित सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

इस अवसर पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के अध्यक्ष मनोज जैन बल्ले, मंत्री प्रवीण जैन पद्मावती, कोषाध्यक्ष शैलश जैन लालाजी, मुकेश जैन, विवेक जैन, मनोज जैन,चक्रेश जैन, रखि लाल जैन, रमेश जैन, रिंकू जैन, राजू जैन, आशीष जैन, रोहित जैन, अमित जैन, गौरव जैन आनन्द जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।


 संवाददाता धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा 

Comments

Popular posts from this blog

जय झूलेलाल के जयघोष से गूंजा नीलगिरी सिंध एनक्लेव, आस्था-भक्ति के संग भव्य जयंती उत्सव”

पारस पर्ल्स के बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन, निवासियों को सुविधा नहीं खुद कर रहा मोटी कमाई

सूरसदन में वार्षिक उत्सव 2025 का भव्य आयोजन - दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत, बच्चों की कृष्ण लीला पर आधारित प्रस्तुतियों ने जीता हृदय