भगवान की लीलाओं को सांसारिक नहीं भगवत दृष्टि से देखिए

 श्रीश्याम परिवार सेवा ट्रस्ट द्वारा फतेहाबाद रोड स्थित राजदेवम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पूज्यश्री जया किशोरी ने कंस वध, गोपी उद्धव प्रसंग और सादानी चरित्र का किया वर्णन 



आगरा। संसार की दृष्टि बहुत मैली है। इसलिए इस दृष्टि से भगवान को नहीं देखा जा सकता। भगवान की लीलाओं को सांसारिक नहीं भगवत दृष्टि से देखिए। व्यासपीठ पर बैठी कथावाचक पूज्यश्री जया किशोरी ने महाराज का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य इतना गिर गया है कि दुख में जिस ईश्वर के सामने प्रार्थना करता है, जब सब ठीक होता है तो मजाक के नाम पर भगवान की छज्जियां उड़ाता है। मजाक के लिए प्रसंग कम पड़ गए कि अब भगवान को भी इसमें खींचा जा रहा है। 

अप्रत्यक्ष रूप से वर्तमान परिस्थिति का समाधान बताते हुए कहा कई बदलाव बिना हिंसा के ही आ जाते हैं। जब तक आप अपने भगवान को सम्मान नहीं देंगे तो कोई और भी नहीं करेगा। मजाक भले ही दूसरा बनाएं मगर हंसते तो हम ही हैं। हंसना बंद कर दीजिए, मजाक बनने बंद हो जाएंगे। ऐसी सभाओं का हिस्सा बनना बंद कर दें, उसी दिन बदलाव आ जाएगा। लेकिन हम इतना भी नहीं करते। ये जिम्मेदारी हमारी है कि भगवान के बारे में हमारे ही सामने कुछ कहने से पहले कोई भी सौ बार सोचे। लेकिन पहले हमें सुधरना होगा। इसके लिए उन्होंने श्रद्धालुओं से बचन भी लिया। कंस वध की कथा में स्वरूपों द्वारा श्रहरि के दर्शन कर कृष्ण कन्हैया लाल के जयकारों से कथा पण्डाल गूंज उठा। सुदामा चरित्र के माध्यम से समझाया कि किसी का हक मत मारिए। धन कमाइये परन्तु अपनी मेहनत से। .......................... आरती के उपरान्त सबी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से बाबू रोशनलाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, राधा गुप्ता, विकास मांगलिक, जयश्री मांगलिक, अनिल गुप्ता, विनीत मांगलिक, ऋषिक मांगलिक, अर्पित गुप्ता, अंजू मांगलिक, तनु मांगलिक, रेखा गुप्ता, आकांक्षा गुप्ता, अलका गुप्ता, नीता गुप्ता, साक्षी गुप्ता, अर्चना गुप्ता, मोंटू भार्गव, पूजा भार्गव,अम्बरीष गुप्ता, दीपक गुप्ता,अरुण गुप्ता, विशाल गुप्ता आदि उपस्थित थे। 

गोपी उद्धव प्रसंगसुन श्रद्धालुओं की आंखों से बही अश्रुधारा

आगरा। वृन्दावन में मैया यशोदा, नन्दबाबा और गोपियों को ज्ञान देने पहुंचे उद्धव संवाद के माध्यम से समझाया कि ज्ञान से ऊपर प्रेम है। कृष्ण की विरह वेदना में बिलखते ब्रजवासियों ने कहा कि कृष्ण प्रेम में रहकर नरक भी मिले तो हम जन्मों तक रहने को तैयार हैं। परन्तु कृष्ण से दूर रहकर हम स्वर्ग नहीं चाहते। ये तो प्रेम की बात उधो, बंदगी तेरे बस की नहीं है... भजन पर हर भक्त की आंखों से अश्रुदारा बहती नजर यी।  

सॉरी शब्द ने आजकल के युवाओं को गलत करने की आजादी दे दी है

आगरा। सामाजिक व पारीवारिक जीवन की सफलता के विषय में बताते हुए कहा कि जो आपसे प्रेम करता है वह क्रोध में भी आपसे प्रेम करेगा। जो क्रोध में सम्मान खो दे वह प्रेम नहीं। कहा कि मजाक वह है जिसमें बोलने और सुनने वाला दोनों हंसे। एक को अच्छा और दूसरे को बुरा लगे तो वह मजाक नहीं। आजकल की सॉरी ने बहुत काम खराब कर दिया है। गलत करने की आजादी दे दी है। जब बच्चे समझदार, काबिल, लायक और विवाह के लिए तैयार हो तभी उनका विवाह करिए। फिल्मों और सीरियल की शादियों में खुशी का माहौल 3-4 दिन की कहानी होती है। असली शादी का अर्थ दो लोगों को एक साथ 50-60 वर्ष का समय बिताना है। आजकल जल्दी शादियां हो रही हैं और टूट भी जल्दी रही हैं। इसलिए विवाह जल्दबाजी में नहीं अच्छी तरह देख परख कर करिए। 

कीर्तन और भजनों पर खूब झूमें भक्तजन

आगरा। जय जय राधा रमण हरि बोल कीर्तन के साथ प्रारम्भ हुई कथा में चलो रे मन श्री वृन्दावन दाम रटेंगे राधे राधे नाम..., जमुना किनारे मोरा गांव, सांवरे आई जइयों..., कितनी ही बार दयानिधी ने संसार को आकर उबार लिया... भजनों का श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ आनन्द लिया और खूब नृत्य किया।


संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा..

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