'वंडरफुल जैनिज़्म' के दूसरे सत्र में जैन युवाओं ने लिया धर्म पालन का संकल्प
मुनि श्री समत्व सागर जी के ओजस्वी प्रवचनों से गूंजा निर्मल सेवा सदन, 400 युवाओं ने कहा – 'Proud to be a Jain'
आगरा। निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में आयोजित जैन धर्म आधारित प्रेरणादायी श्रृंखला 'वंडरफुल जैनिज़्म' का दूसरा विशेष सत्र "विज्ञान वर्सेस धर्म" उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच संपन्न हुआ। पूज्य मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज के ओजस्वी एवं प्रेरणादायी प्रवचनों ने युवाओं, युवतियों, महिलाओं एवं पुरुषों में जैन धर्म के प्रति आत्मगौरव और आस्था का नया संचार किया।
मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिक विज्ञान केवल दृश्य जगत तक सीमित है, जबकि वीतराग विज्ञान उससे कहीं अधिक सूक्ष्म, व्यापक और सत्य के निकट है। उन्होंने जैन दर्शन, आध्यात्मिकता, नैतिक मूल्यों और आत्म-विकास के महत्व को सरल एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रवचन के दौरान पूरा सभागार कई मिनटों तक लगातार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ "Proud to be a Jain" का उद्घोष कर अपने धर्म के प्रति गर्व व्यक्त किया।
सत्र के दौरान लगभग 400 युवाओं ने संकल्प लिया कि वे जीवन की किसी भी परिस्थिति में जैन धर्म का साथ नहीं छोड़ेंगे तथा किसी भी प्रकार के व्यसन या बुरी आदत को अपने जीवन में स्थान नहीं देंगे। यह आयोजन युवा पीढ़ी में जैन संस्कारों, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक चेतना का प्रेरक जागरण बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुनि श्री के पाद प्रक्षालन से हुआ, जिसका सौभाग्य श्रीमती साधना जैन-हरेश जैन, श्रीमती अंकिता जैन-पियूष जैन, भव्य जैन, वीर जैन एवं समस्त शाहबजाज परिवार को प्राप्त हुआ। मंच संचालन विजय जैन शास्त्री ने किया।
इस अवसर पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के मनोज कुमार जैन, रमेश जैन, मुकेश जैन, प्रवीन जैन (पद्मावती ज्वैलर्स), शैलेश जैन, विवेक जैन, राजीव जैन (कपड़ा), चक्रेश जैन, दीपक जैन, अनिकेत जैन, सचिन जैन, रोहित जैन, मुकेश जैन (लल्ले), आशीष जैन (बाबा), अमित जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सकल जैन समाज उपस्थित रहा।
संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा....


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