श्री निर्मल सेवा सदन में भव्य वर्षायोग कलश स्थापना का शुभारंभ,
मुनिश्री समत्व सागर जी महाराज के सानिध्य में गूंजे जयकारे
आगरा। आगरा के छीपीटोला स्थित श्री निर्मल सेवा सदन में बुधवार को वर्षायोग कलश स्थापना का भव्य और मांगलिक शुभारंभ हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह पावन आयोजन संत चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य आचार्य भगवान 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक सुयोग्य शिष्यों—जगत विख्यात गूगल बाबा श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर जी महाराज और श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर महाराज के दिव्य सानिध्य में संपन्न हुआ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भजनों से सजी सभा, श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया कलश स्थापना का सौभाग्य
कार्यक्रम की शुरुआत एक छोटी बच्ची द्वारा मंगलाचरण के साथ हुई। इसके पश्चात श्रमण सांस्कृतिक महिला मंडल के बच्चों द्वारा सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं और कुमारी दीक्षा जैन ने अपनी मधुर वाणी से भजनों की ऐसी गंगा बहाई कि पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। मंच के आगे और पीछे सजाई गई सुंदर कलाकृतियां व खिले हुए कमल के फूल आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। त्रिमुनिराजों के मंच पर आगमन के साथ ही पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर विमल जैन (जयपुर) द्वारा पाद प्रक्षालन, तथा संजीव जैन, जुली जैन, राजीव जैन लकी, वीरेंद्र कुमार और आनंद जैन द्वारा शास्त्र भेंट किए गए। समारोह के दौरान बाहर से पधारे जयपुर, सागर, ग्वालियर, दिल्ली, भिंड और गुना के श्रद्धालुओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इन परिवारों को मिला कलश प्राप्त करने का सौभाग्य:
पहला कलश: प्रवीण जैन, पीयूष जैन (पद्मावती)
दूसरा कलश: वीरेंद्र कुमार, आनंद कुमार लाला जी
तीसरा कलश: अनूप कुमार, आशु, हनी जैन (चौधरी परिवार)
चौथा कलश: बंगालीमल, धर्मेंद्र कुमार, राजेश कुमार, हेमंत जैन
विधानाचार्य विकर्ष शास्त्री के निर्देशन में सभी कलश पूरी विधि-विधान के साथ स्थापित किए गए। भजनों की धुनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्यमय भक्ति की। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन सतेंद्र जैन ने किया। इस पावन अवसर पर श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के पदाधिकारी, विभिन्न मंडलों के सदस्य और बड़ी संख्या में सकल जैन समाज के लोग उपस्थित रहे।
संवाददाता धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा....


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