वंडरफुल जैनिज़्म-6 का शुभारंभ, युवाओं ने लिया आत्म-विकास और सकारात्मक जीवन का संदेश



आगरा। निर्मल सेवा सदन, छीपीटोला में जैन धर्म, दर्शन और जीवन मूल्यों पर आधारित ‘वंडरफुल जैनिज़्म-6’ का शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के बीच हुआ। संत चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य आचार्य भगवान श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के सुयोग्य शिष्यों, जगत विख्यात ‘गूगल बाबा’ श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर महाराज एवं श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में आयोजित सत्र में बड़ी संख्या में युवा, युवतियां, पुरुष एवं महिलाएं शामिल हुए।

कार्यक्रम में मुनि संघ का पाद प्रक्षालन भक्तों द्वारा किया गया। मुनि श्री समत्व सागर महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों में कहा कि जीवन की सुबह और शाम के बीच के समय को सार्थक ढंग से जीना ही वास्तविक जीवन कला है। उन्होंने युवाओं को स्वतंत्रता और स्वच्छंदता के अंतर को समझाते हुए श्रेष्ठ चरित्र, सकारात्मक सोच और अच्छे कर्मों के साथ जीवन जीने का संदेश दिया।

मुनि श्री के प्रेरक प्रवचनों से प्रभावित युवाओं ने उत्साहपूर्वक “Proud to be a Jain” का उद्घोष किया। सत्र में युवाओं को आत्म-विकास, व्यक्तित्व निर्माण और जीवन की उलझनों से आंतरिक सुकून तक पहुंचने का मार्ग बताया गया।

दिल्ली से आईं विशेष ट्रेनर श्रीमती प्रिया जैन एवं अंजना जैन ने कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को आत्मविश्वासी, खुशहाल, मजबूत, जागरूक और निर्णय लेने में सक्षम बनने के लिए प्रेरित किया। विशेष रूप से बेटियों को केवल सुरक्षित ही नहीं, बल्कि सक्षम और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में भारतीय जैन संगठन उत्तर प्रदेश के राज्य महामंत्री सुरेंद्र कुमार जैन, राज्य चेयरमैन एवं कार्यक्रम संयोजक अंकेश जैन, जिला अध्यक्ष शैलेंद्र जैन, कुमार मंगलम सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के पदाधिकारियों एवं सकल जैन समाज ने भी सहभागिता की। मंच संचालन सतेंद्र जैन साहूला ने किया।



 संवाददाता धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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