श्रीकृष्ण लीला और नवयोगेन्द्र संवाद से गूंजा भक्ति का संदेश, हरिनाम संकीर्तन में झूमे श्रद्धालु

सूर्य नगर स्थित समाधि पार्क मंदिर में राधा सखी ग्रुप एवं इस्कॉन आगरा द्वारा आयोजित श्री मद्भागवत कथा महोत्सव में कथा व्यास सार्वभौम प्रभु श्रीमद्भागवत कथा का अमृतमय प्रवचन करते हुए।

आगरा। इस्कॉन आगरा एवं राधा सखी ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में समाधि पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव में श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण लीला, यादव वंश संहार एवं नवयोगेन्द्र संवाद प्रसंग का श्रवण कर भक्ति रस का अनुभव किया। कथा का शुभारंभ हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन से हुआ तथा समापन भी हरिनाम संकीर्तन के साथ हुआ। कथा स्थल पर श्रद्धालु भक्ति भाव से संकीर्तन करते हुए श्रीकृष्ण नाम में लीन दिखाई दिए।

कथा व्यास सार्वभौम प्रभु ने श्रीकृष्ण लीला का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की प्रत्येक लीला जीव को धर्म, प्रेम और वैराग्य का संदेश देती है। श्रीकृष्ण का जीवन केवल चमत्कारों की कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को ईश्वर की ओर ले जाने वाला दिव्य मार्ग है। उन्होंने कहा कि भगवान का स्मरण और नाम-जप ही कलियुग में आत्मकल्याण का सबसे सरल साधन है।

यादव वंश संहार प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने कहा कि संसार में वैभव, शक्ति और सामर्थ्य भी स्थायी नहीं हैं। जब अहंकार और मर्यादा भंग होती है, तब विनाश निश्चित हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने इस प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया कि जीव को सदैव विनम्रता, संयम और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। सांसारिक सत्ता और संपत्ति क्षणभंगुर हैं, जबकि भगवान की भक्ति शाश्वत है।

नवयोगेन्द्र संवाद प्रसंग में उन्होंने बताया कि नौ योगेश्वरों ने राजा निमि को भक्ति, वैराग्य और आत्मज्ञान का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीव जब तक स्वयं को शरीर मानता है, तब तक वह मोह और दुख में बंधा रहता है। भगवान के नाम, सत्संग और भक्ति के माध्यम से ही आत्मा अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित जप करने का आह्वान करते हुए कहा कि यही कलियुग में मोक्ष का सर्वोत्तम मार्ग है। साथ ही कथा व्यास ने श्रीमद् भागवत के महत्वपूर्ण श्लोकों का उद्बोधन उपस्थित श्रद्धालुओं से करवाया।

कथा के पश्चात आरती एवं फूलो की होली के साथ सामूहिक संकीर्तन हुआ, जिसमें श्रद्धालु देर तक भक्ति में झूमते रहे। कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य केवल कथा श्रवण नहीं, बल्कि जीव को भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में समर्पित करना है।

अरविंद स्वरूप प्रभु ने बताया कि रविवार को सुबह नरसिंह हवन एवं प्रसादी के साथ कथा विश्राम होगा। 

राधा सखी ग्रुप की संस्थापिका अशु मित्तल ने कहा कि कथा महोत्सव में प्रतिदिन मूल भागवत के प्रसंगों का सरल, सहज एवं भक्तिपूर्ण शैली में वर्णन किया गया। 

कार्यक्रम में अदिति गौरंगी, मोनिका अग्रवाल, रीता खन्ना, लवली कथूरिया, संजीव मित्तल, रेनू भगत, मीनाक्षी मोहन, ज्योति, रेशमा मगन, रेनू लांबा, तनुजा मांगलिक, डॉ अपर्णा पोद्दार, डॉ परिणीता बंसल, शिखा सिंघल आदि उपस्थित रहीं।


संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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