आगरा मे जर्जर झूलेलाल मंदिर भवन का हिस्सा गिरा, सिंधी समाज में रोष

काले झंडे दिखाकर सांकेतिक धरना, प्रशासन से तत्काल सुरक्षा व आवश्यक कार्य की अनुमति की मांग


आगरा। ताजगंज थाने के सामने स्थित जर्जर सिंधी श्री झूलेलाल मंदिर भवन का एक हिस्सा बुधवार को भरभराकर गिरने के बाद सिंधी समाज में रोष व्याप्त है। गनीमत रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन भवन का दूसरा हिस्सा भी बेहद क्षतिग्रस्त हालत में खड़ा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। मामले को लेकर सिंधी समाज के लोगों ने काले झंडे दिखाकर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन से तत्काल आवश्यक कार्रवाई व धार्मिक स्थल पर जरूरी कार्य कराने की अनुमति देने की मांग की।

समाज के लोगों का कहना है कि जर्जर भवन को लेकर पूर्व में भी प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है। कमिश्नर, जिलाधिकारी सहित एएसआई एवं पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर स्थिति से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इसी बीच भवन का एक हिस्सा गिर गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि जर्जर भवन का दूसरा हिस्सा भी बरसात के दौरान गिरता है और कोई जनहानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

समाज के लोगों ने बताया कि पूज्य झूलेलाल साईं की आराधना से जुड़े 40 दिवसीय चालिहा महोत्सव का समापन 24 अगस्त को हुआ है। उनका कहना है कि यदि जर्जर हिस्सा महोत्सव के दौरान गिरता तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसकी चपेट में आ सकते थे। समाज ने हादसे में किसी की जान न जाने को ईश्वर की कृपा बताया।

सिंधी समाज के प्रतिनिधि श्याम भोजवानी ने कहा कि समाज किसी विवाद को जन्म नहीं देना चाहता, बल्कि वर्षों पुरानी धार्मिक आस्था और मानव जीवन की सुरक्षा चाहता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को तत्काल जर्जर हिस्से की सुरक्षा व्यवस्था करानी चाहिए और समाज को आवश्यक कार्य कराने की अनुमति देनी चाहिए।

वहीं, श्री झूलेलाल मंदिर, ताजगंज के अध्यक्ष शंकरलाल आसवानी एवं सचिव प्रदीप दीवान ने कहा कि भवन का एक हिस्सा गिर चुका है और दूसरा हिस्सा भी खतरनाक स्थिति में है। प्रशासन से पहले भी कई बार अनुरोध किया जा चुका है। अब किसी अनहोनी का इंतजार किए बिना तत्काल सुरक्षा और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाधान नहीं होने पर समाज आगे भी सांकेतिक प्रदर्शन जारी रखेगा।

समाज की प्रमुख मांगों में जर्जर भवन के शेष हिस्से की तत्काल सुरक्षा जांच, संभावित हादसे को रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्रवाई, धार्मिक स्थल पर आवश्यक कार्य की अनुमति तथा पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर शीघ्र निर्णय शामिल हैं।

सिंधी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो सांकेतिक धरना-प्रदर्शन को और व्यापक किया जा सकता है। प्रदर्शन में दादी पकानी, द्रोपदी ज्ञानचंदानी, केसर, भावना, पूजा, काव्या, सपना, ग्रंथी जोगेन्दर सिंह, श्याम भोजवानी, शंकरलाल आसवानी, प्रदीप दीवान, हरिकिशन आडवानी, हरीश मोटवानी, राजू कोठरी, लक्ष्मण दास, हर्ष दासवानी, ताराचंद, किशनचंद सहित बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग मौजूद रहे।


 संवाददाता: धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...

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