दिगंबर योगी ना किसी से डरता है, ना डराता है: मुनि श्री समत्व सागर
मुख्य आकर्षण: पार्श्वनाथ भगवान का अभिषेक, शांतिधारा एवं वात्सल्य पर्व (रक्षाबंधन) का आयोजन
आगरा। संत चर्या शिरोमणि पट्टाचार्य आचार्य भगवन श्री 108 विशुद्ध सागर जी महामुनिराज के सुयोग्य शिष्य श्रमण मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज, श्रमण मुनि श्री 108 शील सागर जी महाराज एवं श्रमण मुनि श्री 108 सुप्रभात सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में पार्श्वनाथ भगवान का अभिषेक व शांतिधारा संपन्न हुई। इस अवसर पर रक्षाबंधन पर्व को 'रक्षा श्रमण संस्कृति' एवं वात्सल्य पर्व के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाया गया।
भयभीत व्यक्ति कभी सत्य नहीं सोच पाता
धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री 108 समत्व सागर जी महाराज ने कहा कि आज ही के दिन विष्णु कुमार मुनि ने अपनी रिद्धियों के प्रभाव से 700 दिगंबर मुनिराजों पर आया घोर उपसर्ग दूर किया था। बलि आदि चार मंत्रियों ने पराजय के भय और द्वेषवश मुनिराजों को बंदी बनाकर अग्नि उपसर्ग किया था।
मुनि श्री ने प्रवचन में कहा:
"डरा हुआ और हारा हुआ व्यक्ति अपना आपा खोकर अनर्थ कर बैठता है। एक सच्चा दिगंबर योगी वही है जो ना किसी से डरता है, ना किसी को डराता है; ना भय खाता है, ना भयभीत करता है। दिगंबर संत प्राणी मात्र को एक समान दृष्टि से देखते हैं।"
व्यवस्था एवं उपस्थिति
मंच संचालन: सतेंद्र जैन 'साहूला'
विशेष उपस्थिति: श्रुत मंथन वर्षायोग समिति के मनोज जैन, रमेश जैन, प्रवीन जैन (पद्मावती), आनंद जैन, शैलेश जैन (लाला जी), मुरारी लाल जैन, मुकेश जैन, आशीष जैन, विवेक जैन, चक्रेश जैन, राजीव जैन, सचिन जैन (तार), आशु (वी.के), रोहित जैन, नितिन, सनी, अनिकेत, दीपक जैन, हेमंत जैन, अनंत जैन, गौरव जैन, अमित जैन, पंकज जैन।
संवाददाता धर्मेंद्र ठाकुर की रिपोर्ट आगरा...



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